Kishore Kumar Hits

Swastik The Band - Raat Guzar Jayegi şarkı sözleri

Sanatçı: Swastik The Band

albüm: Raat Guzar Jayegi


अंधेरों में है भागे
उम्मीदों पर हैं जागे
खो गए हैं जो वादे
खाख क्यूं है ये इरादे
तूफ़ान की ये हवाएं
साहिलों तक लेजाये
ये रात गुजर जाएंगी
नई सुभा लेगी
तू कर खुद पर याकीन
लकीरे तेरी बदल जाएंगी
गुमसुम हुई क्यू तन्हा राहें
परछाइयां हैं पानाहे
बेचैन दिल की ये सदाएं
खुद को ही कहते सुनते जाए
रुकने ना देंगे ये फ़िज़ायें
मंजिलो तक ले जाएं
ये रात गुजर जाएगी
नई सुभा लाएगी
तू कर खुद पर याकीन
लकीरें तेरी बदल जाएंगी

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