मेहँदी लगाने की रात आ गई मेहँदी लगाने की रात... (मेहँदी लगाने की रात आ गई) (मेहँदी लगाने की रात...) मिलने-मिलाने की रात आ गई मिलने-मिलाने की रात... (मेहँदी लगाने की रात आ गई) (मेहँदी लगाने की रात...) सब को बताने की रात आ गई सब को बताने की रात... हो, मेहँदी लगाने की रात आ गई मेहँदी लगाने की रात... ♪ खुशबू लुटाते गुलों की लड़ी की (गुलों की लड़ी की, गुलों की लड़ी की) कब से थी चाहत हमें इस घड़ी की (हमें इस घड़ी की, हमें इस घड़ी की) खनकाऊँ कँगना कि चूड़ी बजाऊँ? पायल पहन के मैं ठुमका लगाऊँ जी करता है नाचूँ झूम के गाने-बजाने की रात आ गई गाने-बजाने की रात... खुशियाँ मनाने की रात आ गई खुशियाँ मनाने की रात... (आ गई, आ गई, आ गई) मेहँदी लगाने की रात आ गई मेहँदी लगाने की रात... ♪ आँखें शरम से झुकी जा रही हैं (झुकी जा रही हैं, झुकी जा रही हैं) क्या राज़ दिल में है, बतला रही है (बतला रही है, बतला रही है) हाए, रब, ऐसे जोड़े पे मैं वारी जाऊँ इन के लिए मैं तो सब कुछ लुटाऊँ ये सुंदर सा मुखड़ा चूम के क़समें निभाने की रात आ गई क़समें निभाने की रात... अरे, सपने सजाने की रात आ गई सपने सजाने की रात... घुँघटा उठाने की रात आ गई घुँघटा उठाने की रात... खुशियाँ मनाने की रात आ गई खुशियाँ मनाने की रात... ओ, मेहँदी लगाने की रात आ गई मेहँदी लगाने की रात... मेहँदी लगाने की रात आ गई मेहँदी लगाने की रात... (आ गई, आ गई, आ गई) मेहँदी लगाने की रात आ गई मेहँदी लगाने की रात... (मेहँदी लगाने की रात आ गई) (मेहँदी लगाने की रात...) (मेहँदी लगाने की रात आ गई) (मेहँदी लगाने की रात...) (मेहँदी लगाने की रात आ गई) (मेहँदी लगाने की रात...)