तुम्हें छेड़े हवा चंचल शरारत तुमसे सीखी है वो बैठा फूल पे भँवरा मोहब्बत तुमसे सीखी है मेरे गुलफ़ाम, सुन लो तुम दीवाने दिल का कहना है किया है फ़ैसला मैंने तुम्हारे बिन ना रहना है तुम्हें छेड़े हवा चंचल शरारत तुमसे सीखी है ♪ करे दीवानगी मौसम, सनम तुम्हारी इन अदाओं से ग़ज़ब लगती हो तुम, रब की क़सम भरोसा हो ना जो मेरा तो पूछो इन फ़िज़ाओं से तुम्हें छेड़े हवा चंचल शरारत तुमसे सीखी है वो बैठा फूल पे भँवरा मोहब्बत तुमसे सीखी है ♪ बनाया आशियाँ मैंने, सनम तुम्हारी ही निगाहों में ना जाऊँ दूर मैं तुमसे कभी बिता दूँ उम्र मैं सारी सनम, तेरी ही बाँहों में तुम्हें छेड़े हवा चंचल शरारत तुमसे सीखी है वो बैठा फूल पे भँवरा मोहब्बत तुमसे सीखी है ♪ बनी है सुरमई देखो घटा तेरी आँखों के काजल से चुराती है जवाँ ख़ुशबू हवा लिपट के, मेरी जान-ए-मन तेरे ये रेशमी आँचल से तुम्हें छेड़े हवा चंचल शरारत तुमसे सीखी है वो बैठा फूल पे भँवरा मोहब्बत तुमसे सीखी है मेरे गुलफ़ाम, सुन लो तुम दीवाने दिल का कहना है किया है फ़ैसला मैंने तुम्हारे बिन ना रहना है तुम्हें छेड़े हवा चंचल शरारत तुमसे सीखी है वो बैठा फूल पे भँवरा मोहब्बत तुमसे सीखी है